कक्ष् बाइबल अध्ययन

अध्याय 1-परमेश्वर कौन है ?

उत्पति 1:1 पद कहता है “ आदि मे परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की रचना की। परमेश्वर सृष्टीकर्ता है। जिसने हर एक वस्तु की सृष्टी की है। शब्द “रचना“ का अर्थ है कुछ नही से कुछ की रचना करना। इब्रानियों 11:3 पद कहता है......

अध्याय 2- मानवजाति का सृष्टिकर्ता

क्योंकि लोग स्कूल मे केवल डार्विन के सिद्धांतो को पढ़ते और सीखते है। और वे इस तथ्य को कि परमेश्वर ही सृष्टीकर्ता है  बिना सत्य को खोजे नकारते है। परन्तु पवित्र बाइबल सृष्टीकर्ता परमेश्वर के अस्तित्व को बताती है....

अध्याय 3-परमेश्वर मनुष्य की खेती करता हैं ।

बाइबल मे यीशु मसीह जब कुछ आत्मिक बातें करते थे तो लोगो के लिए समझना कठिन होता था। तो यीशु मसीह हमेशा दृष्टांतों का उपयोंग करते थे। बाइबल मे बहुत से ऐसे दृष्टांत है जैसे बीज बोने का दृष्टांत.....

अध्याय 4-मनुष्य को अनाज्ञाकारिता के कारण मृत्यु का सामना करना पड़ा।

पमरेश्वर जो सृष्टीकर्ता है उसने मनुष्य को अपने ही स्वरुप मे बनाया और मनुष्य को यह अधिकार दिया कि वह पृथ्वी पर राज्य करे और हर एक जीव को अपने वश मे कर लें । इस प्रक्रिया का वर्णन अत्पति 2......

अध्याय 5-यीशु मसीह कौन है?

युहन्ना 1:1- 3 कहता है आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। यही आदि में परमेश्वर के साथ था। सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है.....

अध्याय 6-क्यों केवल यीशु मसीह ही उद्धारकर्ता हैं ?

परमेश्वर आरम्भ से ही जानता था कि प्रथम मनुष्य आदम उनकी आज्ञा का उल्लंघन करेगा और इसी कारण बहुत सी आत्माएं मारी जाएगी और विनाश की ओर गिरेगीं । इसलिए आरम्भ से ही परमेश्वर......

अध्याय 7 – पवित्र आत्मा कौन है?

जो परमेश्वर के प्रावधान को पूरा करता है। वह पमरेश्वर पवित्र आत्मा है। परमेश्वर की त्रिएकता से अभिप्राय है परमेश्वर पिता, परमेश्वर पुत्र, पमरेश्वर पवित्र आत्मा। वे अलग अलग तरह से कार्य करते है।.......

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